भोपाल।मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजभवन में महामहिम राज्यपाल से मुलाक़ात की।इस दौरान प्रदेश में भाजपा द्वारा की जा रही विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर पत्र सौंपा।राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री के पत्र पर मंत्रि-परिषद के 6 सदस्य से पृथक कर दिया। इन मंत्रियों के नाम इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल महोदय को दिए गए पत्र का अनुवाद
मैं भाजपा के अनैतिक, कदाचार और गैरकानूनी कृत्य की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने पर बाध्य हूँ।
अपने पहले प्रयास में विधायकों को जबरदस्ती बेंगलुरु ले जाने का नाटक 3 और 4 मार्च 2020 की आधी रात को शुरू हुआ था जो सार्वजनिक है।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने विधायकों को लालच और बलपूर्वक बंधक बनाकर रखने के प्रयास को विफल कर दिया।
पहले प्रयास की असफलता के बाद भाजपा ने 8 मार्च 2020 को कांग्रेस पार्टी के 19 विधायकों को बेंगलुरु ले जाने के लिए तीन विशेष हवाई जहाजों का इंतज़ाम किया तब से 19 विधायक जिसमें से छह कैबिनेट मंत्री हैं उनसे कोई संपर्क नहीं है और वे भाजपा द्वारा प्रबंध किये गए एक रिसॉर्ट में बंधक है। उनसे किसी को मिलने नहीं दिया गया और न ही उन बंधक 19 विधायकों के साथ किसी प्रकार का संपर्क हो पाया है।
आश्चर्यजनक रूप से बीजेपी के नेता होली के दिन 10 मार्च 2020 को शाम 5:00 बजे विधानसभा अध्यक्ष के निवास पर पहुंचे और 19 विधायकों के त्याग पत्र उन्हें सौंपा जो जो कांग्रेस के विधायक हैं । इन 19 विधायकों में से कोई भी विधानसभा अध्यक्ष के निवास पर व्यक्तिगत रूप से त्यागपत्र देने प्रस्तुत नहीं हुआ । असामान्य तौर पर से और व्यवहार में 19 कांग्रेस विधायकों के त्यागपत्र भाजपा के नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए ना कि स्वयं विधायकों द्वारा। इससे इस पूरे षडयंत्र और गैरकानूनी कृत्य में भाजपा नेताओं की संलिप्तता प्रदर्शित होती है।